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अप्रैल 23 – वह प्रभु जो रक्षा करता है।
“क्योंकि तुम को उतावली से निकलना नहीं, और न भागते हुए चलना पड़ेगा; क्योंकि यहोवा तुम्हारे आगे आगे अगुवाई करता हुआ चलेगा, और, इस्राएल का परमेश्वर तुम्हारे पीछे भी रक्षा करता चलेगा॥” (यशायाह 52:12)
आज प्रभु ने हमें कितना अद्भुत वादा दिया है! वह वही प्रभु है जो हमारी रक्षा करता है. ठीक वैसे ही जैसे एक उकाब अपने बच्चों पर अपने पंख फैलाकर उनकी रक्षा करता है, वैसे ही वह हमारी भी रक्षा करेगा. ठीक वैसे ही जैसे एक मुर्गी अपने चूजों को अपने पंखों के नीचे इकट्ठा करके उन्हें आश्रय देती है, वैसे ही प्रभु हमारी भी रक्षा करेगा.
ज़रा सोचिए कि प्रभु ने लाल सागर के किनारे इस्राएल के लोगों की रक्षा कैसे की थी. उनके सामने विशाल लाल सागर था, जिसकी लहरें ज़ोर-ज़ोर से गरज रही थीं. उनके पीछे मिस्र की सेनाएँ थीं, जो खूंखार शिकारी कुत्तों की तरह उनका पीछा कर रही थीं. बचने का कोई रास्ता नहीं था. वे जहाँ भी देखते, वहाँ खतरा और संकट ही नज़र आता था.
ठीक उसी पल, प्रभु ने मूसा से कहा कि वह अपने हाथ में पकड़ी लाठी को लाल सागर की ओर बढ़ाए. कितना अद्भुत दृश्य था वह! सागर दो हिस्सों में बँट गया, और बीच में एक रास्ता बन गया. इस्राएली खुशी-खुशी उस रास्ते से चलने लगे, मानो वे सूखी ज़मीन पर चल रहे हों.
लेकिन जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो पाया कि मिस्र के रथ, घोड़े और सेनाएँ उनका पीछा कर रही हैं. अब वे क्या कर सकते थे? सागर उनके दोनों ओर था. भागने के लिए कोई जगह नहीं बची थी.
फिर भी, ऐसी कठिन परिस्थिति में भी प्रभु उनकी रक्षा करने में समर्थ था. तब तक प्रभु का दूत इस्राएल के लोगों के आगे-आगे चल रहा था, लेकिन अब वह उनके पीछे चला गया. बादल का वह खंभा, जो अब तक उन्हें रास्ता दिखा रहा था, अब उनकी रक्षा के लिए उनके पीछे आ गया. उसने इस्राएलियों को तो रोशनी दी, लेकिन फ़िरौन की सेना के लिए वह अंधकार लेकर आया.
इस प्रकार, प्रभु ने इस्राएल की रक्षा आगे से भी की और पीछे से भी. प्रभु का दूत और बादलों का खंभा, दोनों ही उनकी ढाल बनकर खड़े रहे. वह अद्भुत प्रभु आज भी वैसा ही है, वह ज़रा भी नहीं बदला है. क्या वह हमारा पिता नहीं है? क्या हम उसकी संतान नहीं है? वह हमारी रक्षा भी ठीक उसी तरह करेगा.
चाहे कितने ही दुष्ट लोग हमारे विरुद्ध क्यों न खड़े हो जाएँ, हमें घबराना नहीं है. भले ही बहुत से लोग हमारे परिवार को नष्ट करने की साज़िश रचें, फिर भी हमें हिम्मत नहीं हारना है. ठीक वैसे ही जैसे एक पिता अपने बच्चों की रक्षा करता है, वैसे ही प्रभु हमारी भी रक्षा करता है. ठीक वैसे ही जैसे एक माँ अपने बच्चे को सांत्वना देती है, वैसे ही वह हमें भी सांत्वना देगा.
जब कभी भी हम पर मुसीबतें या संघर्ष आएँ, तो भजन संहिता 121 को खोले और प्रार्थना करते हुए उस अध्याय को पढ़े. आप यह देखने पाएंगे कि, प्रभु ने वहाँ हमें कितने अनमोल वादे दिए हैं! भजनकार कहता है: “यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है. न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हानि होगी॥” (भजन संहिता 121:5–7)
परमेश्वर के प्रिय लोगों, विश्वास के द्वारा इन प्रतिज्ञाओं को ग्रहण करे.
मनन के लिए वचन: “परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक.” (भजन संहिता 46:1)
