No products in the cart.
मार्च 27 – प्रेम फूलता नहीं है।
“…. प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं.” (1 कुरिन्थियों 13:4).
घमंड या यू कहे कि फूलना तब पैदा होता है जब कोई व्यक्ति खुद को बहुत ऊँचा समझने लगता है. “ज्ञान घमंड पैदा करता है” (1 कुरिन्थियों 8:1). शारीरिक सोच से घमंड पैदा होता है (कुलुस्सियों 2:19). बाइबल यह भी कहती है, “विनाश से पहले मनुष्य का हृदय घमंडी हो जाता है” (नीतिवचन 18:12).
जब भी मैं विलियम केरी के विनम्र और प्रेम से भरे चरित्र के बारे में सोचता हूँ, तो मेरा हृदय गहराई से द्रवित हो जाता है. हालाँकि उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत एक मोची के रूप में की थी, लेकिन बाद में वे परमेश्वर के एक विशिष्ट सेवक बने—एक मिशनरी, त्याग की मूर्ति, और ईश्वरीय प्रेम से परिपूर्ण व्यक्ति के रूप में सामने आये.
प्रभु के प्रति अपने गहरे प्रेम के कारण, उन्होंने भारतीय भाषाएँ सीखीं और बाइबल के कुछ हिस्सों का चौंतीस भाषाओं में अनुवाद किया. उनकी विद्वत्ता, ज्ञान और लगन असाधारण थे.
जब विलियम केरी काफी मशहूर हो गए और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में लगे हुए थे, तब एक बार एक व्यक्ति ने एक सार्वजनिक सभा में उन्हें अपमानित करने की कोशिश की. दूसरों के सामने, उसने ताना मारते हुए कहा, “मिस्टर केरी, क्या आप कभी मोची नहीं थे?”
केरी खड़े हुए और अत्यंत विनम्रता से उत्तर दिया, “महोदय, आपने कृपा करके मुझे मोची कहा. मैं मोची नहीं था—मैं तो बस एक ऐसा साधारण कारीगर था जो फटे-पुराने जूते ठीक करता था.” उन्होंने प्रभु की खातिर इस अपमान को सहर्ष स्वीकार कर लिया. उनका ईश्वरीय प्रेम ऐसा ही था. हाँ, प्रेम में घमंड नहीं होता.
ठीक इसी तरह, प्रभु भी यही चाहते हैं कि हम बिना किसी घमंड के, पश्चाताप के आँसुओं के साथ उनके पास लौट आएँ. जब हम इस तरह उनके पास आते हैं, तो वे तुरंत हमें गले लगा लेते हैं, हमारे आँसू पोंछ देते हैं, हमारे सभी पापों और अधर्मों को क्षमा करके भुला देते हैं, और हम पर अपने प्रेम की वर्षा करते हैं. उनका प्रेम कितना मधुर है!
जब वह भटका हुआ ऊडाऊ पुत्र पश्चाताप करके लौटा, तो उस प्रेमी पिता ने क्या किया? “तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा.” (लूका 15:20).
पिता तो इस बात का भी इंतज़ार नहीं कर पाए कि बेटा अपनी क्षमा-याचना पूरी कर ले. पश्चाताप के उस क्षण की कल्पना कीजिए. जब आप आँसुओं के साथ प्रभु के पास लौटेंगे, तो वे भी आपको कोमल प्रेम के साथ स्वीकार करेंगे.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, हमारे प्रभु न केवल प्रेममय हैं—बल्कि वे हमारे प्रेम के भी अभिलाषी हैं. यदि हम उनसे प्रेम नहीं करेंगे, तो वे प्रेम की खोज में किसके पास जाएँगे? उन्होंने हमें प्रेम में रचा है. बड़े प्रेम के साथ उन्होंने हमारे लिए अपने प्राण दे दिए! कोई भी प्रेम कभी भी उनके प्रेम के बराबर नहीं हो सकता!
मनन के लिए वचन: “अब मूरतों के साम्हने बलि की हुई वस्तुओं के विषय में हम जानते हैं, कि हम सब को ज्ञान है: ज्ञान घमण्ड उत्पन्न करता है, परन्तु प्रेम से उन्नति होती है.” (1 कुरिन्थियों 8:1).
