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अप्रैल 09 – स्वर्ग की खिड़कियाँ।
“सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा कर के मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोल कर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं.” (मलाकी 3:10).
बाइबल में, हम कई ऐसे मौकों के बारे में पढ़ते हैं जब स्वर्ग खोला गया था. ऐसा पहली बार नूह के दिनों में हुआ था. स्वर्ग की खिड़कियाँ खोली गईं (उत्पत्ति 7:11). पृथ्वी पर चालीस दिन और चालीस रात तक वर्षा होती रही. यदि वह वर्षा न हुई होती, तो जहाज़ ऊपर न उठ पाता. जहाज़ को पहाड़ियों और पर्वतों से भी ऊपर उठने के लिए, मूसलाधार वर्षा का होना अत्यंत आवश्यक था.
ठीक इसी प्रकार, कलीसिया—जो परमेश्वर का जहाज़ है—को मसीह के आगमन पर स्वर्ग में ऊपर उठाए जाने के लिए, अभिषेक की महान वर्षा का होना आवश्यक है. स्वर्ग की खिड़कियाँ अवश्य खुलेंगी, और पवित्र आत्मा उसी वर्षा के समान नीचे उतरेगा.
जैसे-जैसे अंतिम दिन निकट आते जा रहे हैं, अभिषेक की मात्रा निरंतर बढ़ती जा रही है. यह कई हज़ार गुना बढ़ जाएगा. अचानक, ठीक वैसे ही जैसे एक बार स्वर्ग की खिड़कियाँ खुली थीं, परमेश्वर का असीम अभिषेक पूरी पृथ्वी पर सामर्थ्य के साथ उंडेल दिया जाएगा. इस अभिषेक के उंडेल दिए जाने के पश्चात्, प्रभु के आगमन पर उनके लोगो को ऊपर उठा लिया जाएगा.
फिरौन ने जो स्वप्न देखा था, उसके दो भाग थे. एक भाग सात वर्षों की समृद्धि (बहुतायत) को दर्शाता था. प्रभु ने इन वर्षों की तुलना अनाज की सात स्वस्थ बालियों और सात हृष्ट-पुष्ट गायों से की. उन वर्षों के बीत जाने के पश्चात्, सात वर्षों का भीषण अकाल पड़ेगा, और उस देश की सारी समृद्धि भुला दी जाएगी. ये सात वर्ष भविष्यसूचक रूप से ‘मसीह-विरोधी’ (Antichrist) के शासनकाल की ओर संकेत करते हैं.
उन दिनों में, एक भयानक अकाल पड़ेगा—यह अकाल केवल भोजन का ही नहीं, बल्कि परमेश्वर के वचन को सुनने का अकाल होगा. तथापि, मसीह-विरोधी के शासनकाल से पूर्व ही, प्रभु उस देश पर वर्षा का एक विशेष मौसम लाने की आज्ञा देंगे—ये आध्यात्मिक समृद्धि और नवीनीकरण के दिन होंगे. जब अभिषेक की यह वर्षा होगी, तो पृथ्वी पर प्रचुर मात्रा में आध्यात्मिक आशीषें उतरेंगी.
जहाँ एक ओर संसार मसीह-विरोधी के आगमन की प्रतीक्षा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर हम अभिषेक की बढ़ती हुई वर्षा की आतुरता से प्रतीक्षा कर रहे हैं. प्रभु की उपस्थिति से ताज़गी और स्फूर्ति के दिन निश्चित रूप से आएँगे. कुछ अनुवाद इन ताज़गी भरे समयों को ‘पुनरुद्धार’ (revival) का समय कहते हैं. स्वर्ग की खिड़कियाँ खुलने ही वाली हैं. अभिषेक की भारी वर्षा होने वाली है. प्रभु अपना आत्मा सभी मनुष्यों पर उंडेल देंगे. कोई भी इस वर्षा को रोक नहीं पाएगा.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, आज ही इस आशीष को ग्रहण करे. उस महान पुनरुद्धार के लिए बेसब्री से इंतजार करे. यह अभिषेक आपको प्रभु के आगमन के लिए तैयार करेगा.
मनन के लिए वचन: “यदि बादल जल भरे हैं, तब उसको भूमि पर उण्डेल देते हैं; और वृक्ष चाहे दक्खिन की ओर गिरे या उत्तर की ओर, तौभी जिस स्थान पर वृक्ष गिरेगा, वहीं पड़ा रहेगा.” (सभोपदेशक 11:3).
