जून 28 – प्रकट करने वाले!

“इसी प्रकार से प्रभु यहोवा अपने दास भविष्यवक्ताओं पर अपना मर्म बिना प्रकट किए कुछ भी ना करेगा। (आमोस 3:7)

जब आप परमेश्वर के लिए सेवकाई करने के लिए अपने आप को समर्पित करते हैं , और आप जब अपनी क्षमता के अनुसार परमेश्वर के कार्य को करते हैं तब परमेश्वर जो आपको आशीष देते हैं, वे उत्तम और विशेष होती हैं। वह अपने सेवकों पर मन को खोलकर अपने मर्म को प्रकट करते हैं।

पवित्र शास्त्र में बहुत सारे मर्म और रहस्य हैं। परमेश्वर ने प्रेरित पौलुस को जो रहस्य प्रकट किए उनके कारण वह कहता है कि वह “परमेश्वर के रहस्यों का भंडारी है”। जी हां परमेश्वर के सारे रहस्य उनके सेवकों के द्वारा ही प्रकट होते हैं।

सदोम -अमोरा को नाश करनेवाले जब आ रहे थे तब अब्राहम से रास्ते में मिलकर , “यह जो मैं करता हूं उसे क्या अब्राहम से छिपा रखूं?”(उत्पत्ति 18 :17) ऐसा कहकर अब्राहम को वह रहस्य की बात बता दी।

जब आप परमेश्वर से प्रार्थना में दिल खोल कर बात करेंगे तो परमेश्वर भी आपसे दिल खोल कर बात करेंगे। यही नहीं, अंधकार में छिपा हुआ वह गुप्त स्थानों में छुपा खजाना और छुपा हुआ मर्म आप पर प्रकट करेंगे। फिरौन ने जो सपने में देखा वह रहस्य में था। गायों के संबंध में और 7 बालों के संबंध में जब इस सपने का अर्थ  कोई भी नहीं बता सका था, तब परमेश्वर ने उन बातों का रहस्य अपने सेवक यूसुफ को प्रकाशित किया।

उसी तरह जब नबूकदनेश्शर ने  एक बड़ी मूर्ति को स्वप्न में देखा और व्याकुल हुआ। बेबीलोन के किसी भी ज्ञानी के द्वारा या भावी  बताने वालों के द्वारा इस स्वप्न का अर्थ नहीं पता चल सका। उसी समय परमेश्वर ने दानिय्येल पर रात के समय में उस सपने के अर्थ को बताना ठाना। आप परमेश्वर से प्रेम करते हुए उनके सेवकाई को करते समय निश्चित ही  परमेश्वर अपने रहस्यों को आप पर प्रकट करेंगे।

प्रेरित यूहन्ना के जीवन को देखें। परमेश्वर ने उस पर असीमित प्रेम को प्रकट करके अपने रहस्यों को प्रकट किया। उसे अकेले में पतमुस द्वीप में ले जाकर स्वर्ग को खोल कर वर्तमान समय ,आने वाले समय और आने वाले अनंत के समय के विषय में सारा प्रकाशन उसे दिया। परमेश्वर के प्यारे बच्चों आपको भी वे सारे रहस्य परमेश्वर प्रकट करेंगे। जब आप परमेश्वर की महिमामय सेवकाई को करेंगे तब इस तरह की आशीष आप पाएंगे।

ध्यान करने के लिए, “मैंने तुम्हें मित्र कहा है ,क्योंकि मैंने जो बातें अपने पिता से सुनी ,वे सब तुम्हें बता दीं।” (यूहन्ना 15 :15)।

Article by elimchurchgospel

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