जुलाई 21 – बसंत का मौसम!

” अंजीर के पेड़ से यह दृष्टान्त सीखो: जब उसकी डाली कोमल हो जाती और पत्ते निकलने लगते हैं , तो तुम जान लेते हो कि ग्रीष्मकाल निकट है” (मत्ती 24:32)।

वैसे तो साल में एक के बाद एक कई मौसम आते हैं, लेकिन जो मौसम मीठा और आनंदमय होता है, वह बसंत का मौसम है। इस बसंत ऋतु के आने का सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है।

वसंत ऋतु से पहले का मौसम भयानक सर्दी का मौसम है। आपकी नजर जहां भी जायेगी वहां बर्फ से ढका हुआ पायेंगे। पतझड़ में, पेड़ सभी पत्ते गिरा देते हैं और निर्वस्त्र से दिखाई देते हैं, पक्षी गर्म देशों में चले जाते हैं। सफेद बर्फ से भरे हुए खूबसूरत शहर वीरान से दिखने लगते हैं।

लेकिन एक बार जब सर्दी समाप्त हो जाती है, तो वसंत ऋतु शुरू होती है। पेड़ों से नए अंकुर निकलने लगते हैं। कुछ ही दिनों में पौधों में फूल, गुच्छों में दिखाई देने लगते हैं। दूर-दूर से पक्षी आ जाते हैं और खुशी से गाते हैं। बसंत ऋतु के आगमन पर लोग भी नाच-गा कर आनंदित होने लगते हैं। हम इस वसंत ऋतु के बारे में ‘श्रेष्ठगीत’ की पुस्तक में पढ़ सकते हैं। ​”अंजीर पकने लगे हैं, और दाखलताएं फूल रही हैं; वे सुगंध दे रही हैं। हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुंदरी, उठ कर चली आ (श्रेष्ठगीत 2:10, 13)।

दुल्हन को बुलाने की प्रभु की आवाज केवल वसंत ऋतु में ही सुनी जा सकती है। हमारे परमेश्वर यह दिखाने के लिए एक उदाहरण भी देते हैं कि परमेश्वर का आगमन भी इसी वसंत ऋतु के आसपास होगा। “अंजीर के पेड़ से यह दृष्टान्त सीखो: जब उसकी डाली कोमल हो जाती है और पत्ते निकलने लगते हैं, तो तुम जान लेते हो कि ग्रीष्मकाल निकट है” (मत्ती 24:32)।

यह अंजीर का पेड़ यहूदियों का प्रतीक है। यह उनके राजनीतिक जीवन को दर्शाता है। यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला चेतावनी देता है कि न्याय का कुल्हाड़ा अंजीर के पेड़ की जड़ पर रखा हुआ है (मत्ती 3:10)। परन्तु, जब  इस्राएलियों ने परमेश्वर के न्याय को तुच्छ जाना, तब कुल्हाड़ी 70 ई. में यहूदियों पर गिर गई। यहूदी बिखर गये थे। उन्हें इस्राएल देश से खदेड़ दिया गया।

बाइबिल के विद्वान यह देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे कि क्या अंजीर का पेड़ फिर से अंकुर देगा और क्या इस्राएली वापस आकर अपने देश में बस जाएंगे। 19 शताब्दियां बीत गईं। अंत में, अंजीर के पेड़ को अंकुर देने का समय आ गया। 14 मई, 1948 को इस्राएलियों को आज़ादी मिली और उनके लिए बसंत का मौसम शुरू हो गया। परमेश्वर के प्यारे बच्चों, परमेश्वर आपको यह कहते हुए बुलाते हैं, “उठो, मेरे प्यारे, मेरे अपने, चले आओ”।

ध्यान करने के लिए: “इसलिए तू तैयार हो जा; तू और जितनी भीड़ तेरे पास इकट्ठी हों, तैयार रहना, और तू उनका अगुआ बनना” (यहेजकेल 38:7)

Article by elimchurchgospel

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