अगस्त 22 – अपनी इसी शक्ति पर जा!

“तब यहोवा ने उस पर दृष्‍टि करके कहा, “अपनी इसी शक्‍ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा। क्या मैं ने तुझे नहीं भेजा?” (न्यायियों 6:14)।

प्रभुओं के प्रभु, सेनाओं के यहोवा और इस्राएल के बल के द्वारा दी गई शक्तिशाली प्रतिज्ञा क्या है? यह और कुछ नहीं बल्कि “अपनी इसी शक्ति पर जाओ।” हां। प्रस्थान करो और यीशु मसीह के नाम पर जाओ। परमेश्वर आपका साथ देते हैं। उनकी उपस्थिति और सामर्थ्य आपके साथ आती है। आपके इंतजार के दिन खत्म होने वाले हैं।

आज बहुत से लोग हताशा में हैं। एक दिन गिदियोन भी इतनी हताशा में बैठा था। इसका कारण यह है कि मिद्यानी, उनके शत्रु, उन पर शासन कर रहे थे। उन्हें जो कुछ भी करना होता था, हमेशा अपने दुश्मनों के भय के अधीन करना पड़ता था। गिदियोन इस विचार से निराश था, “यदि परमेश्वर हमारे साथ है, तो हम ऐसी दुर्दशा में क्यों हैं? हमारे पूर्वजों द्वारा वर्णित वह अद्भुत परमेश्वर कहाँ है?”

आपके जीवन में भी परेशानियां और थकान आएंगी। निश्चय ही इस संसार में आपको क्लेश हैं।परमेश्वर आपको हमेशा के लिए क्लेशों में धकेलने वाले नहीं है। भले ही वह एक क्षण के लिए त्याग भी दें, वह अपनी बड़ी दया से फिर मिलायेंगे । जब गिदियोन भय में था, तब परमेश्वर ने उसे “हे पराक्रमी सूरमा ” कहकर उसे मज़बूत किया। जब गिदियोन सामर्थ्य और शक्ति की कमी के बारे में चिंतित था, तो परमेश्वर ने उससे कहा, “अपनी इस शक्ति से जाओ।”

शैतान की सबसे बड़ी चाल में से एक है, लोगों को भय की भावना से बांधना। स्थितियों के बारे में डर; समस्याओं के बारे में डर; भविष्य के बारे में डर। आगे, बार-बार धमकी देकर, वह परमेश्वर के लोगों को निष्क्रिय बना देता है। पवित्रशास्त्र कहता है, “क्योंकि परमेश्‍वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ्य और प्रेम और संयम की आत्मा दी है” (2 तीमुथियुस 1:7)।

अपनी कमजोरी से थकें नहीं। अपनी कमियों पर विचार करके कभी भी हीन भावना को जगह न दें। परमेश्वर की ओर देखें। वह कितने मजबूत हैं! वह आपसे प्यार करते हैं और आपको मजबूत करते हैं। हां। “जब पवित्र आत्मा तुम पर उतरेगा तब तुम सामर्थ पाओगे” (प्रेरितों के काम 1:8)।

परमेश्वर के प्रिय बच्चों, परमेश्वर का वचन, जो आत्मा और जीवन है, निश्चित रूप से आपके मन, आत्मा और शरीर को मजबूत करेगा। प्रेरित पौलुस ने कहा, “जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ” (फिलिप्पियों 4:13)। क्या ऐसा नहीं है?

ध्यान करने के लिए: “मैं तेरे कामों को जानता हूँ; देख, मैं ने तेरे सामने एक द्वार खोल रखा है, जिसे कोई बन्द नहीं कर सकता; तेरी सामर्थ्य थोड़ी सी तो है, फिर भी तू ने मेरे वचन का पालन किया है और मेरे नाम का इन्कार नहीं किया”  (प्रकाशितवाक्य 3:8)।

Article by elimchurchgospel

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