अगस्त 16 – सिद्ध बनाया जाएगा!

“पर उसने मुझ से कहा, “मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है।” इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूँगा कि मसीह की सामर्थ्य मुझ पर छाया करती रहे।” (2 कुरिन्थियों 12:9)।

परमेश्वर की सामर्थ्य आपकी कमजोरी में पूर्ण होती है। कभी-कभी, परमेश्वर आपके जीवन में कुछ कमजोरियों की अनुमति देते हैं। वह ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनकी सामर्थ्य आपके जीवन में सिद्ध हो जाती है।

आप परमेश्वर पर तभी भरोसा करेंगे जब आपमें कुछ कमजोरियां होंगी। अन्यथा, किसी को परमेश्वर की कृपा पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा, आप परमेश्वर की महिमा भी नहीं करेंगे। वह आपके जीवन में कुछ कमजोरियों की अनुमति  देते हैं, ताकि आप सामर्थ्य और अनुग्रह के लिए पूरी तरह से उन पर निर्भर रहें।

प्रेरित पौलुस की एक कमजोरी थी। वह कहता है, “इसलिये कि मैं प्रकाशनों की बहुतायत से फूल न जाऊँ, मेरे शरीर में एक काँटा चुभाया गया, अर्थात् शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊँ। इसके विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार विनती की कि मुझ से यह दूर हो जाए।” (2 कुरिन्थियों 12:7,8)।

परमेश्वर ने स्वयं पौलुस के जीवन में उस कमजोरी को रखा था। परमेश्वर ने पौलुस को अनेक दर्शन और प्रकाशन दिए थे। उनके कारण पौलुस के अंदर घमण्ड आने की सम्भावना थी और इसलिए परमेश्वर ने उस दुर्बलता को उसकेअन्दर आने दिया।

परमेश्वर के कहने के अनुसार, ‘जब ये दुर्बलताएं आप में होंगी, तो आप में घमंड नहीं आएगा। आप विनम्र होंगे और मेरी ताकत पर भरोसा करेंगे। मैं भी आपका लगातार इस्तेमाल करता रहूंगा।

इसलिए अपनी दुर्बलताओं को न देखें। मेरी कृपा को देखें। क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है।’ प्रेरित पौलुस ने इसे सहर्ष स्वीकार किया। चूँकि वह केवल परमेश्वर की कृपा और शक्ति पर निर्भर था, इसलिए परमेश्वर ने उसका और अधिक शक्तिशाली उपयोग किया।

परमेश्वर के प्यारे बच्चों, आप अपनी कमजोरियों के विषय चिंतित न हों। अपने कर्म को पूरा करने के लिए सौ प्रतिशत पूर्णता तक पहुंचने की प्रतीक्षा न करें। अपनी कमजोरियों के बीच भी आप परमेश्वर के लिए महान कार्य कर सकते हैं। आप जिस अनुपात में परमेश्वर की कृपा पर भरोसा करेंगे, उसी अनुपात में परमेश्वर की सामर्थ्य आपके शरीर में प्रवाहित होगी। तब आप भी परमेश्वर के लिये बड़े बड़े काम करेंगे।

ध्यान करने के लिए: “परन्तु परमेश्‍वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है कि ज्ञानवानों को लज्जित करे, और परमेश्‍वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है कि बलवानों को लज्जित करे” (1 कुरिन्थियों 1:27)।

Article by elimchurchgospel

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