अगस्त 09 – वह आपको आनन्दित करेंगे!

” उस समय उनकी कुमारियाँ नाचती हुई हर्ष करेंगी, और जवान और बूढ़े एक संग आनन्द करेंगे। क्योंकि मैं उनके शोक को दूर करके उन्हें आनन्दित करूँगा, मैं उन्हें शान्ति दूँगा, और दु:ख के बदले आनन्द दूँगा।” (यिर्मयाह 31:13)।

देखें कि हमारे प्रिय परमेश्वर कितनी कृपा से हमें सांत्वना देते और दिलासा देते हैं और एक   प्रतिज्ञा भी देते हैं जो हमारे दिल को मजबूत करता है! वह वायदा करते हैं, “मैं उन्हें दुःख के बदले आनन्द दूंगा।”जी हाँ। दुख के दिन, उदासी के दिन और कष्ट के दिन समाप्त हो रहे हैं।

जब परमेश्वर की भुजा आपके जीवन में हस्तक्षेप करती है, तो आप में कोई दुःख नहीं रह सकता। आपके आंसू पोछकर आपको दिलासा देने के अलावा, वह आपके शोक को आनंद में बदल देते हैं। जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिए सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती हैं (रोमियों 8:28)।

जब दुख और कष्ट आपके जीवन को घेर लेते हैं, तो आप यह कहते हुए विलाप करते हैं कि ये चीजें आपके साथ क्यों होनी चाहिए और आपका जीवन इतनी बड़ी परीक्षाओं में से क्यों गुजरना चाहिए। लेकिन, सब कुछ एक आशीष की तरह दिखेगा जब परमेश्वर उन्हें भलाई में बदल देंगे।

कॉलेज की शिक्षा पूरी करने के बाद, मेरे पिता कई नौकरियों के लिए आवेदन करते रहे। उन्होंने बैंक या सरकारी सेवा में रोजगार पाने की कोशिश की। लेकिन, परमेश्वर ने उन्हें एक स्कूल में गणित के शिक्षक के रूप में काम करने की अनुमति दी। यह एक सरकारी स्कूल था। चूँकि उचित कक्षाएँ उपलब्ध नहीं थीं, इसलिए उन्हें पेड़ों के नीचे अपनी कक्षाएं संचालित करनी पड़ीं।

उनकी कक्षा के अधिकांश छात्र जो थे वे पिछली कक्षाओं में अनुत्तीर्ण हो चुके थे अतः जो पढ़ाया जाता था उसे समझने के योग्य नहीं थे। मेरे पिता ने पढ़ाई में उनको उठाने का हर संभव प्रयास किया और उन्हें अच्छे पढ़ने वाले छात्र बनने के लिए प्रोत्साहित भी किया। उनके प्रयासों ने अच्छे परिणाम दिए और सभी मंद छात्र भी चमकने लगे। इस प्रकार, परमेश्वर का उन्हें शिक्षक बनाने के पीछे एक कारण था। इस अनुभव ने मेरे पिता को बाद के दिनों में एक प्रचारक बनने में भी मदद की।

यूसुफ को देखें। उसके भाइयों ने उसे दास के रूप में बेच दिया। जब वह ईमानदारी से घर का काम कर रहा था, तो उसे झूठे आरोपों के साथ जेल भेज दिया गया। परन्तु परमेश्वर ने उसे मिस्र के प्रधान के रूप में उन्नति दी। परमेश्वर के प्यारे बच्चों, आज आप जिस भी हद तक पीड़ा में दबे हुए हैं, उसी अनुपात में उन्नति आपकी प्रतीक्षा कर रही है। आपका शोक स्थायी नहीं है। परमेश्वर आपके शोक को आनन्द में बदल देगा।

ध्यान करने के लिए: “जितने दिन तू हमें दु:ख देता आया, और जितने वर्ष हम क्लेश भोगते आए हैं उतने ही वर्ष हम को आनन्द दे।” (भजन 90:15)।

Article by elimchurchgospel

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